किसानों के लिए डिजिटल मंडी का नया दौर
कानपुर नगर / देहात: Newswell24.com
भारत सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उन्हें बेहतर दाम दिलाने के उद्देश्य से eNAM Portal (National Agriculture Market Portal) की शुरुआत की। यह डिजिटल मंच किसानों को देशभर की मंडियों से जोड़ता है और उन्हें फसल बेचने का एक आसान, सुरक्षित और पारदर्शी तरीका प्रदान करता है।
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत कृषि क्षेत्र को भी तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। eNAM न सिर्फ किसानों को ऑनलाइन मार्केट से जोड़ता है बल्कि उन्हें सीधे व्यापारियों और खरीदारों से कनेक्ट होने का अवसर भी देता है।
🎯 eNAM Portal क्या है?
eNAM (Electronic National Agriculture Market) एक पैन-इंडिया इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। इसे Department of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा विकसित किया गया है।
इसका उद्देश्य:
- किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना।
- मंडियों में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना।
- बिचौलियों की भूमिका कम करना।
- डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना।
👉 सरल शब्दों में, eNAM किसानों को अपनी फसल ऑनलाइन बेचने और खरीदारों तक सीधे पहुंचने का अवसर देता है।
✅ eNAM Portal के प्रमुख लाभ
eNAM पोर्टल के जरिए किसानों को कई सुविधाएं मिलती हैं।
मुख्य फायदे:
- ऑनलाइन मंडी से जुड़ाव – किसान अपनी उपज घर बैठे देश की विभिन्न मंडियों में सूचीबद्ध कर सकते हैं।
- बेहतर दाम – प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगने से किसानों को अधिक मूल्य मिलता है।
- पारदर्शिता – हर बोली और सौदे की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है।
- सरकारी सहयोग – केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर इंटीग्रेशन।
- डायरेक्ट पेमेंट – भुगतान सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होता है।
- मोबाइल ऐप सपोर्ट – किसान रियल-टाइम अपडेट्स और बोली की जानकारी मोबाइल पर पा सकते हैं।
📝 पात्रता (Eligibility)
eNAM Portal पर रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ न्यूनतम शर्तें निर्धारित की गई हैं:
- भारतीय किसान होना अनिवार्य।
- आधार कार्ड होना जरूरी।
- सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।
- राज्य की किसी eNAM इंटीग्रेटेड मंडी से जुड़ाव आवश्यक।
💻 eNAM पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
eNAM Portal पर किसान रजिस्ट्रेशन एक सरल प्रक्रिया है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- eNAM की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- “किसान रजिस्ट्रेशन” विकल्प चुनें।
- मांगी गई जानकारी भरें:
- नाम
- मोबाइल नंबर
- आधार नंबर
- बैंक खाता विवरण
- नजदीकी मंडी का चयन
- सबमिट करने के बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- अब किसान अपने पोर्टल पर लॉगिन कर फसल लिस्ट कर सकते हैं।
🌾 eNAM Portal पर फसल कैसे बेचें?
रजिस्ट्रेशन के बाद किसान अपनी फसल ऑनलाइन बेच सकते हैं।
प्रक्रिया:
- लॉगिन करें eNAM पोर्टल पर।
- “Crop Listing” में फसल जोड़ें।
- मात्रा, गुणवत्ता और अपेक्षित मूल्य दर्ज करें।
- खरीदार बोली लगाएंगे।
- बोली पूरी होने पर उच्चतम बोली लगाने वाले को फसल बेच दी जाती है।
- भुगतान 24–48 घंटों में बैंक खाते में जमा होता है।
👉 सुझाव: फसल की स्पष्ट तस्वीरें और सही गुणवत्ता विवरण जोड़ने से खरीदार आकर्षित होते हैं।
💰 भुगतान और सब्सिडी
- भुगतान डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) के जरिए होता है।
- कुछ राज्यों में माइक्रो-इरिगेशन, कृषि उपकरण और भंडारण पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है।
📊 eNAM Portal से जुड़े आंकड़े (2025 तक)
- रजिस्टर्ड मंडियां: 1000+
- रजिस्टर्ड किसान: 1 करोड़+
- कुल लेन-देन मूल्य: ₹50,000 करोड़+
यह आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि eNAM भारतीय कृषि बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है।
🛠️ किसानों के लिए उपयोगी टिप्स
- फसल को ग्रेडिंग और पैकिंग के साथ सूचीबद्ध करें।
- बोली लगाने से पहले मौजूदा बाजार भाव जान लें।
- मोबाइल ऐप का उपयोग करें, ताकि बोली की स्थिति तुरंत देखी जा सके।
- अन्य किसानों और मंडी अधिकारियों से नेटवर्क बनाए रखें।
🌍 eNAM Portal और भारतीय कृषि पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि eNAM भारतीय कृषि क्षेत्र में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह किसानों को न केवल बेहतर दाम दिलाता है बल्कि उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ता है।
विश्व बैंक और FAO (Food and Agriculture Organization) जैसी संस्थाएं भी डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म्स को भविष्य की कृषि का आधार मानती हैं। Source: FAO Report on Digital Agriculture
❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. क्या eNAM Portal पर रजिस्ट्रेशन फ्री है?
👉 हां, यह पूरी तरह नि:शुल्क है।
Q2. eNAM पर कौन-कौन सी फसलें बेची जा सकती हैं?
👉 अधिकांश कृषि और बागवानी उत्पाद इस पोर्टल पर बेचे जा सकते हैं।
Q3. भुगतान मिलने में कितना समय लगता है?
👉 सामान्यतः 24–48 घंटे के भीतर बैंक खाते में राशि जमा हो जाती है।
Q4. क्या बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी?
👉 eNAM का मकसद किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ना है, जिससे बिचौलियों की भूमिका काफी कम हो जाती है।
Q5. क्या मोबाइल ऐप से भी फसल बेची जा सकती है?
👉 हां, eNAM का मोबाइल ऐप उपलब्ध है, जिससे किसान आसानी से फसल सूचीबद्ध और मॉनिटर कर सकते हैं।
📝 निष्कर्ष
eNAM Portal किसानों को डिजिटल मंडी से जोड़कर उनके लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। इससे न सिर्फ किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि भारतीय कृषि क्षेत्र को भी आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
किसानों के लिए यह एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, जो उन्हें देशभर के खरीदारों तक पहुंचने और बेहतर दाम प्राप्त करने का मौका देता है।
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